दशहरा 2026: 20 अक्टूबर को विजयादशमी, शहर-वार मुहूर्त

12 अक्टूबर 2026 · लेखक Bhagya Bidata · Read in English

दशहरा कब है

दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहते हैं, इस साल मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। यह आश्विन माह का त्योहार है और नवरात्रि के समापन के बाद आता है।

इस लेख में सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं।

दशहरा क्या है और क्यों मनाया जाता है

दशहरा को परंपरा में अच्छाई की बुराई पर जीत का पर्व माना जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसकी कथाएँ और रीतियाँ अलग हैं।

  • उत्तर और पश्चिम भारत में इसे श्रीराम की रावण पर विजय की स्मृति के रूप में मनाया जाता है। कई जगह रामलीला होती है और शाम को रावण दहन किया जाता है।
  • पूर्वी भारत में यह दुर्गा पूजा का समापन है। इसे देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय से जोड़ा जाता है।
  • कुछ क्षेत्रों में इस दिन शस्त्र या औज़ारों की पूजा और नए कार्य की शुरुआत की परंपरा है। इसे शुभ आरंभ के लिए अच्छा दिन माना जाता है।

कथाएँ अलग हैं, पर भाव एक है: साहस, मर्यादा और सत्य की जीत।

तारीख कैसे तय होती है

हिंदू पर्व चंद्र पंचांग से तय होते हैं। दशहरा आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। पर तिथि सूर्योदय से सूर्योदय तक नहीं चलती। वह दिन के बीच में किसी भी समय शुरू या खत्म हो सकती है, इसलिए कभी-कभी तारीख को लेकर असमंजस रहता है।

दशहरा के लिए अपराह्न काल का नियम देखा जाता है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को पाँच भागों में बाँटें तो चौथा भाग अपराह्न है, यानी दोपहर के बाद का समय। परंपरा में विजयादशमी की पूजा के लिए यही समय उपयुक्त माना जाता है।

इस साल दशमी तिथि पर्व के समय-खंड को दो दिन छूती है। हमारी साइट के नियम के अनुसार इनमें से 20 अक्टूबर चुना गया है। अपने स्थानीय पंडित या परिवार की परंपरा में कोई अलग मान्यता हो तो उसका भी सम्मान करें।

शहर-वार मुहूर्त, 20 अक्टूबर 2026

सूर्योदय हर शहर में अलग होता है, इसलिए मुहूर्त भी थोड़ा आगे-पीछे होता है। नीचे प्रमुख शहरों के समय हैं:

  • दिल्ली: सूर्योदय सुबह 6:25; मुहूर्त दोपहर 1:14 से 3:30 तक
  • मुंबई: सूर्योदय सुबह 6:34; मुहूर्त दोपहर 1:33 से 3:53 तक
  • कोलकाता: सूर्योदय सुबह 5:35; मुहूर्त दोपहर 12:51 से 2:49 तक
  • चेन्नई: सूर्योदय सुबह 6:00; मुहूर्त दोपहर 1:04 से 3:26 तक
  • बेंगलुरु: सूर्योदय सुबह 6:11; मुहूर्त दोपहर 1:15 से 3:37 तक
  • गुवाहाटी: सूर्योदय सुबह 5:25; मुहूर्त दोपहर 12:51 से 2:34 तक

ध्यान दें कि पूर्व के शहरों में सूर्य पहले उगता है, इसलिए कोलकाता और गुवाहाटी का मुहूर्त बाकी शहरों से पहले शुरू होता है।

इस दिन लोग क्या करते हैं

इस दिन कोई तय या अनिवार्य विधि नहीं है। अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार लोग ये काम करते हैं:

  • घर या मंदिर में देवी या श्रीराम की पूजा और प्रार्थना
  • परिवार के साथ रामलीला या रावण दहन देखना
  • ज़रूरतमंदों को दान या भोजन देना
  • कुछ लोग अपनी इच्छा से व्रत रखते हैं
  • नई शुरुआत, जैसे पढ़ाई या किसी काम का आरंभ, इस दिन से करना

ये सब श्रद्धा और अपनी सहूलियत की बात हैं। इनके लिए कुछ खरीदना ज़रूरी नहीं है।

अपने शहर का समय देखें

ऊपर के शहरों में आपका शहर न हो, तो समय कुछ मिनट या उससे ज़्यादा अलग हो सकता है। अपने शहर का सही मुहूर्त दशहरा पेज पर देखें। रोज़ की तिथि और अन्य पंचांग जानकारी के लिए पंचांग देखें, और आने वाले दूसरे पर्वों के लिए त्योहार सूची खोलें।

दशहरा की शुभकामनाएँ। यह दिन हमें याद दिलाता है कि अपने भीतर की कमज़ोरियों पर जीत भी एक तरह की विजय है।

यह कैसे लिखा जाता है: तारीख़ें, समय और ग्रह स्थितियाँ उन्हीं गणनाओं से आती हैं जिनसे हमारे टूल चलते हैं। लेख AI की मदद से सिर्फ़ इन्हीं तथ्यों से लिखा जाता है, फिर छपने से पहले अपने-आप जाँचा जाता है — हर तारीख़ और समय गणना से मिलाया जाता है, और पूरा लेख एक दूसरा, स्वतंत्र AI संपादक सटीकता और भाषा के लिए पढ़ता है। यह प्रवृत्तियाँ बताता है, निश्चित भविष्य नहीं — और यहाँ कुछ बेचा नहीं जाता। कोई ग़लती दिखे तो hello@bhagyabidata.com पर बताएँ।

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