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जन्म कुंडली
अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान भरें और अपनी वैदिक जन्म कुंडली हिंदी में देखें — लग्न, चंद्र राशि, जन्म नक्षत्र और चरण, नौ ग्रहों की स्थिति, अभी चल रही दशा और मंगल दोष। ग्रह स्थिति एक पेशेवर स्तर के खगोलीय गणित से लाहिड़ी अयनांश के साथ निकाली जाती है, और पूरी गणना आपके ब्राउज़र में होती है।
अपनी कुंडली कैसे पढ़ें
कुंडली बारह खानों का नक्शा है। हर खाना एक राशि है, और हर ग्रह उस राशि में लिखा है जिसमें वह आपके जन्म के समय था। तीन चीज़ें सबसे पहले देखी जाती हैं: लग्न, चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र।
भाव
लग्न वाली राशि पहला भाव है, उसके बाद की राशि दूसरा भाव, और इसी तरह बारह भाव। हर भाव जीवन के एक क्षेत्र को दिखाता है — पहला शरीर और स्वभाव, चौथा घर और माँ, सातवाँ विवाह और साझेदारी, दसवाँ काम। कोई ग्रह किस भाव में है, इससे पता चलता है कि उसका असर जीवन के किस हिस्से में ज़्यादा दिखेगा।
वक्री ग्रह
वक्री का मतलब है कि पृथ्वी से देखने पर ग्रह उस समय उल्टी दिशा में चलता हुआ दिखता था। यह कोई बुरा संकेत नहीं है; परंपरा में वक्री ग्रह को अक्सर ज़्यादा भीतरी और ज़िद्दी असर वाला माना जाता है।
कुंडली मिलान के लिए कुंडली मिलान देखें, और आज की तिथि और राहुकाल के लिए आज का पंचांग।
आम सवाल
अगर जन्म का सही समय न पता हो तो?
‘मुझे जन्म का समय नहीं पता’ पर निशान लगाएँ — कुंडली दोपहर 12 बजे के हिसाब से बनेगी। आपकी चंद्र राशि, नक्षत्र और नौ ग्रहों की राशियाँ लगभग हमेशा फिर भी सही रहेंगी, क्योंकि चंद्रमा को भी राशि बदलने में सवा दो दिन लगते हैं। जो चीज़ बदल सकती है वह है लग्न, और उसके साथ भाव, क्योंकि लग्न चौबीस घंटे में बारहों राशियों से गुज़र जाता है। जन्म प्रमाण पत्र या अस्पताल के रिकॉर्ड में समय हो तो उसे ढूँढ लेना अच्छा है।
मेरी राशि अख़बार वाले राशिफल से अलग क्यों है?
वैदिक ज्योतिष निरयन राशिचक्र इस्तेमाल करता है, जो असली तारों से नापा जाता है, जबकि पश्चिमी ज्योतिष सायन राशिचक्र, जो मार्च के विषुव से नापा जाता है। दोनों में अभी लगभग 24° का अंतर है — एक राशि का बड़ा हिस्सा। इसके अलावा, भारत में ‘राशि’ का मतलब चंद्र राशि होता है, जबकि पश्चिमी राशिफल सूर्य राशि से चलते हैं। इसीलिए कई लोगों की राशि दोनों जगह अलग निकलती है।
आप कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करते हैं?
लाहिड़ी, जिसे चित्रपक्ष भी कहते हैं — भारत सरकार की कैलेंडर सुधार समिति द्वारा अपनाया गया और देश के ज़्यादातर हिस्सों में चलने वाला मानक। अंग्रेज़ी पेज पर कृष्णमूर्ति और रमन अयनांश भी चुने जा सकते हैं।
लग्न, राशि और नक्षत्र में क्या फ़र्क़ है?
लग्न वह राशि है जो जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदय हो रही थी — यह आपके शरीर, स्वभाव और जीवन की दिशा का संकेत है और कुंडली के भाव इसी से गिने जाते हैं। राशि यानी चंद्र राशि, वह राशि जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था — यह मन और भावनाओं को दिखाती है, और गोचर व राशिफल इसी से देखे जाते हैं। नक्षत्र चंद्रमा का सूक्ष्म स्थान है: सत्ताईस नक्षत्रों में से एक, हर एक चार चरणों में बँटा। विंशोत्तरी दशा इसी नक्षत्र से शुरू होती है।
महादशा और अंतर्दशा क्या हैं?
विंशोत्तरी दशा 120 साल का ग्रह-काल चक्र है, जिससे वैदिक ज्योतिष समय का अनुमान लगाता है। कुंडली बताती है कि कौन-सी प्रवृत्तियाँ मौजूद हैं; दशा बताती है कि वे कब ज़्यादा सक्रिय होंगी। महादशा एक लंबा दौर है (6 से 20 साल), और हर महादशा नौ अंतर्दशाओं में बँटी होती है। जन्म के समय कौन-सी दशा चल रही थी, यह चंद्रमा की नक्षत्र में सटीक स्थिति से तय होता है।
क्या मेरा जन्म विवरण कहीं सहेजा जाता है?
नहीं। कुंडली आपके ब्राउज़र में ही बनती है, और आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान हमारे सर्वर पर न भेजे जाते हैं, न सहेजे जाते हैं। सिर्फ़ जगह की खोज में लिखा गया शहर का नाम निर्देशांक ढूँढने वाली सेवा को भेजा जाता है। आपका विवरण पेज के पते के ‘#’ वाले हिस्से में रहता है, जो कभी सर्वर तक नहीं जाता।
क्या कुंडली, जन्म पत्रिका और बर्थ चार्ट एक ही हैं?
हाँ। कुंडली, जन्म कुंडली, जन्म पत्रिका, जन्मपत्री और बर्थ चार्ट — सब एक ही चीज़ के नाम हैं: आपके जन्म के पल और स्थान पर ग्रह कहाँ थे, उसका नक्शा। यहाँ कुंडली उत्तर भारतीय शैली में दिखाई जाती है, जिसमें भाव स्थिर रहते हैं; एक बटन से दक्षिण भारतीय (राशियाँ स्थिर) या पूर्व भारतीय (बंगाल, असम, ओडिशा) शैली चुन सकते हैं, और आपकी पसंद याद रखी जाती है। ग्रह स्थिति तीनों में एक ही होती है।