हिंदू त्योहार · नई दिल्ली
आने वाले त्योहार और मुहूर्त
अगले बारह महीनों के प्रमुख हिंदू त्योहार, तारीख़ और मुहूर्त के साथ। हर तारीख़ सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से, उस त्योहार के पारंपरिक नियम के अनुसार, नई दिल्ली के सूर्योदय और सूर्यास्त के लिए गणना की गई है। किसी त्योहार पर क्लिक करके उसका नियम, अगले वर्षों की तारीख़ें और अपने शहर का समय देखें।
| तारीख़ | त्योहार | मुहूर्त / समय |
|---|---|---|
| 20 अक्टूबर 2026 मंगलवार | दशहरा (विजयादशमी) विजयादशमी — दसवें दिन राम और दुर्गा की विजय। | अपराह्न पूजा समय: दोपहर 1:14 – दोपहर 3:30 |
| 29 अक्टूबर 2026 गुरुवार | करवा चौथ सुहागिनों का दिन भर का व्रत, चंद्रोदय पर पूरा। | चंद्रोदय का समय: रात 8:12 |
| 6 नवंबर 2026 शुक्रवार | धनतेरस धन्वंतरि जयंती और दिवाली उत्सव का पहला दिन। | प्रदोष काल पूजा समय: शाम 5:33 – रात 8:10 |
| 8 नवंबर 2026 रविवार | दिवाली (लक्ष्मी पूजा) दीपों का पर्व — अमावस्या की रात लक्ष्मी पूजा। | लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 5:31 – रात 8:09 |
| 10 नवंबर 2026 मंगलवार | गोवर्धन पूजा अन्नकूट — दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा। | सुबह की पूजा (प्रतिपदा रहते): सुबह 6:40 – दोपहर 12:05 |
| 11 नवंबर 2026 बुधवार | भाई दूज यम द्वितीया — बहनें भाइयों को तिलक लगाती हैं। | तिलक मुहूर्त: दोपहर 1:10 – दोपहर 3:20 |
| 15 नवंबर 2026 रविवार | छठ पूजा सूर्य और छठी मैया की चार दिन की पूजा, नदी के घाट पर। | संध्या अर्घ्य (सूर्यास्त): सूर्यास्त शाम 5:28 · अगले दिन सूर्योदय सुबह 6:44 |
| 15 जनवरी 2027 शुक्रवार | मकर संक्रांति सूर्य का मकर राशि में प्रवेश — पतंग, तिल और गुड़ का फ़सल पर्व। | पुण्य काल: सुबह 7:15 – दोपहर 12:31 |
| 11 फ़रवरी 2027 गुरुवार | वसंत पंचमी सरस्वती पूजा और वसंत ऋतु का स्वागत। | सरस्वती पूजा मुहूर्त: सुबह 7:03 – दोपहर 12:36 |
| 6 मार्च 2027 शनिवार | महाशिवरात्रि शिव की महान रात्रि — व्रत, जागरण और रात भर पूजा। | निशीथ काल पूजा समय: रात 12:08 – रात 12:57, 7 मार्च |
| 21 मार्च 2027 रविवार | होलिका दहन / होली · होली 22 मार्च पूर्णिमा की रात होलिका दहन, अगली सुबह रंगों की होली। | होलिका दहन मुहूर्त: भद्रा पूरी रात (सुबह 5:15, 22 मार्च तक); दहन का समय स्थानीय रूप से तय होता है |
| 15 अप्रैल 2027 गुरुवार | राम नवमी चैत्र शुक्ल नवमी को दोपहर में राम का जन्मोत्सव। | मध्याह्न पूजा मुहूर्त: सुबह 11:04 – दोपहर 1:21 |
| 20 अप्रैल 2027 मंगलवार | हनुमान जयंती हनुमान का जन्मोत्सव — उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा को। | सुबह की पूजा (पूर्णिमा रहते): सुबह 5:51 – दोपहर 12:20 |
| 9 मई 2027 रविवार | अक्षय तृतीया वह दिन जिसके पुण्य कभी कम नहीं होते — आखा तीज। | पूजा मुहूर्त: सुबह 5:35 – सुबह 9:04 |
| 18 जुलाई 2027 रविवार | गुरु पूर्णिमा आषाढ़ पूर्णिमा — गुरुओं और व्यास का सम्मान। | पूर्णिमा पूजा का समय: सुबह 5:35 – दोपहर 12:27 |
| 6 अगस्त 2027 शुक्रवार | नाग पंचमी सावन में नाग देवताओं की पूजा। | पूजा मुहूर्त: सुबह 5:45 – दोपहर 12:27 |
| 17 अगस्त 2027 मंगलवार | रक्षा बंधन बहनें राखी बाँधती हैं, भाई रक्षा का वचन देते हैं — श्रावण पूर्णिमा। | राखी बाँधने का मुहूर्त: सुबह 5:51 – दोपहर 12:59 |
| 25 अगस्त 2027 बुधवार | कृष्ण जन्माष्टमी आधी रात कृष्ण का जन्म — व्रत, भजन और मध्यरात्रि की पूजा। | निशीथ पूजा समय: रात 12:01 – रात 12:46, 26 अगस्त |
| 4 सितंबर 2027 शनिवार | गणेश चतुर्थी गणपति का घर में स्वागत — दस दिन तक का उत्सव। | मध्याह्न पूजा मुहूर्त: सुबह 11:04 – दोपहर 12:26 |
| 30 सितंबर 2027 गुरुवार | शारदीय नवरात्रि देवी की नौ रातें, घटस्थापना से आरंभ। | घटस्थापना का समय: सुबह 8:07 – दोपहर 12:11 |
| 9 अक्टूबर 2027 शनिवार | दशहरा (विजयादशमी) विजयादशमी — दसवें दिन राम और दुर्गा की विजय। | अपराह्न पूजा समय: दोपहर 1:18 – दोपहर 3:38 |
| 18 अक्टूबर 2027 सोमवार | करवा चौथ सुहागिनों का दिन भर का व्रत, चंद्रोदय पर पूरा। | चंद्रोदय का समय: शाम 7:30 |
समय नई दिल्ली के स्थानीय समय (IST) में हैं, मिनट तक पूर्णांकित। यह पेज हर दिन अपने-आप नया होता है।
आम सवाल
ये तारीख़ें कहाँ से आती हैं?
किसी छपी सूची से नहीं — हर तारीख़ सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से गणना की जाती है। हर त्योहार एक चंद्र मास, पक्ष और तिथि से तय होता है, और एक नियम से कि तिथि दिन के किस हिस्से में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, अपराह्न, प्रदोष, आधी रात या चंद्रोदय। हमने 2023 से 2028 तक की तारीख़ें द्रिक पंचांग से, और 2025 से 2027 तक प्रोकेराला से मिलाकर जाँची हैं।
अलग-अलग पंचांगों में तारीख़ें अलग क्यों होती हैं?
ज़्यादातर बार तिथि के समय पर सब सहमत होते हैं; अंतर नियम में होता है। जैसे स्मार्त और वैष्णव पंचांग जन्माष्टमी और राम नवमी अलग नियम से तय करते हैं, और जब तिथि दो दिनों में बँटी हो तो कुछ पंचांग थोड़ा-सा मेल भी गिनते हैं। जहाँ ऐसा अंतर है, त्योहार के पेज पर उसका कारण लिखा है।
क्या ये तारीख़ें मेरे शहर के लिए सही हैं?
यह सूची नई दिल्ली के लिए है। भारत के ज़्यादातर शहरों में तारीख़ वही रहती है, पर समय बदलते हैं, और कभी-कभी तारीख़ भी। हर त्योहार के पेज पर शहर चुनकर वहाँ की तारीख़ और मुहूर्त देखा जा सकता है।