इस हफ़्ते का पंचांग: 12 से 18 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

11 अक्टूबर 2026 · लेखक Bhagya Bidata · Read in English

यह हफ़्ता शुक्ल पक्ष की द्वितीया से शुरू होता है और सप्तमी तक जाता है। इस पूरे हफ़्ते में कोई एकादशी या बड़ा त्योहार नहीं है, इसलिए यह सामान्य दिनचर्या का हफ़्ता है। त्योहारों की पूरी सूची त्योहार पेज पर देख सकते हैं।

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और नई दिल्ली के लिए हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल कुछ मिनट आगे-पीछे हो जाते हैं। तिथि दिए गए सूर्योदय के समय की है, और "समाप्त" वाला समय बताता है कि वह तिथि कब खत्म होती है। रात 12 बजे के बाद के समय अगले दिन तड़के के हैं।

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

  • तिथि: शुक्ल द्वितीया, रात 10:14 बजे तक
  • नक्षत्र: स्वाति
  • सूर्योदय: सुबह 6:20 | सूर्यास्त: शाम 5:55
  • राहु काल: सुबह 7:47 से 9:14

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026

  • तिथि: शुक्ल तृतीया, रात 11:28 बजे तक
  • नक्षत्र: विशाखा
  • सूर्योदय: सुबह 6:21 | सूर्यास्त: शाम 5:54
  • राहु काल: दोपहर 3:01 से शाम 4:27

बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

  • तिथि: शुक्ल चतुर्थी, अगले दिन तड़के 1:14 बजे तक
  • नक्षत्र: अनुराधा
  • सूर्योदय: सुबह 6:21 | सूर्यास्त: शाम 5:53
  • राहु काल: दोपहर 12:07 से 1:33

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026

  • तिथि: शुक्ल पंचमी, अगले दिन तड़के 3:26 बजे तक
  • नक्षत्र: ज्येष्ठा
  • सूर्योदय: सुबह 6:22 | सूर्यास्त: शाम 5:52
  • राहु काल: दोपहर 1:33 से 2:59

शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

  • तिथि: शुक्ल षष्ठी, अगले दिन तड़के 5:55 बजे तक
  • नक्षत्र: ज्येष्ठा (गुरुवार वाला ही नक्षत्र, सूर्योदय पर भी वही है)
  • सूर्योदय: सुबह 6:22 | सूर्यास्त: शाम 5:51
  • राहु काल: सुबह 10:41 से दोपहर 12:07

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

  • तिथि: शुक्ल सप्तमी, अगली सुबह 8:29 बजे तक
  • नक्षत्र: मूल
  • सूर्योदय: सुबह 6:23 | सूर्यास्त: शाम 5:50
  • राहु काल: सुबह 9:15 से 10:41

रविवार, 18 अक्टूबर 2026

  • तिथि: शुक्ल सप्तमी, सुबह 8:29 बजे तक
  • नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
  • सूर्योदय: सुबह 6:24 | सूर्यास्त: शाम 5:49
  • राहु काल: शाम 4:23 से 5:49

ध्यान दें कि सप्तमी शनिवार और रविवार, दोनों दिन के सूर्योदय पर चल रही है। इसलिए दोनों दिन एक ही तिथि दिखती है, और वह रविवार सुबह 8:29 बजे समाप्त होती है।

राहु काल को कैसे देखें

राहु काल हर दिन लगभग डेढ़ घंटे की एक अवधि है, जो दिन के उजाले को आठ हिस्सों में बाँटकर निकाली जाती है। परंपरा में इसे नए काम की शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। कई लोग इस समय कोई नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से बचते हैं और रोज़ के काम सामान्य रूप से करते रहते हैं। यह केवल एक परंपरागत मार्गदर्शन है, डरने की बात नहीं।

रोज़ का पंचांग अपने पास रखें

अपने शहर के हिसाब से सही समय देखने के लिए हिंदी पंचांग पेज खोलें। चाहें तो डेली पंचांग ईमेल से हर सुबह तिथि, नक्षत्र और राहु काल सीधे अपने इनबॉक्स में पा सकते हैं।

यह कैसे लिखा जाता है: तारीख़ें, समय और ग्रह स्थितियाँ उन्हीं गणनाओं से आती हैं जिनसे हमारे टूल चलते हैं। लेख AI की मदद से सिर्फ़ इन्हीं तथ्यों से लिखा जाता है, फिर छपने से पहले अपने-आप जाँचा जाता है — हर तारीख़ और समय गणना से मिलाया जाता है, और पूरा लेख एक दूसरा, स्वतंत्र AI संपादक सटीकता और भाषा के लिए पढ़ता है। यह प्रवृत्तियाँ बताता है, निश्चित भविष्य नहीं — और यहाँ कुछ बेचा नहीं जाता। कोई ग़लती दिखे तो hello@bhagyabidata.com पर बताएँ।

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