इस सप्ताह का पंचांग: 19–25 अक्टूबर 2026, दशहरा और एकादशी
यह सप्ताह शुक्ल पक्ष की अष्टमी से चतुर्दशी तक चलता है। बीच में दो खास दिन आते हैं: 20 अक्टूबर को दशहरा (विजयादशमी) और 22 अक्टूबर को एकादशी।
नीचे हर दिन की तिथि (सूर्योदय के समय), तिथि कब समाप्त होती है, नक्षत्र, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल दिए हैं। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में और नई दिल्ली के लिए हैं। दूसरे शहरों में ये कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं।
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
सूर्योदय के समय शुक्ल अष्टमी है, जो सुबह 10:52 पर समाप्त होती है। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है।
- सूर्योदय: सुबह 6:24
- सूर्यास्त: शाम 5:48
- राहु काल: सुबह 7:50 से 9:15
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
सूर्योदय के समय शुक्ल नवमी है, जो दोपहर 12:51 पर समाप्त होती है। उसके बाद दशमी लगती है। नक्षत्र श्रवण है।
आज दशहरा (विजयादशमी) है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व माना जाता है। इसकी परंपराएँ और महत्व त्योहार पेज पर देख सकते हैं।
- सूर्योदय: सुबह 6:25
- सूर्यास्त: शाम 5:47
- राहु काल: दोपहर 2:56 से शाम 4:22
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
सूर्योदय के समय शुक्ल दशमी है, जो दोपहर 2:12 पर समाप्त होती है। नक्षत्र धनिष्ठा है।
- सूर्योदय: सुबह 6:26
- सूर्यास्त: शाम 5:46
- राहु काल: दोपहर 12:06 से 1:31
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
सूर्योदय के समय शुक्ल एकादशी है, जो दोपहर 2:49 पर समाप्त होती है। नक्षत्र शतभिषा है।
आज एकादशी है। जो लोग एकादशी का व्रत रखते हैं, वे अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार रखते हैं। यह पूरी तरह व्यक्तिगत चुनाव है।
- सूर्योदय: सुबह 6:26
- सूर्यास्त: शाम 5:45
- राहु काल: दोपहर 1:30 से 2:55
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026
सूर्योदय के समय शुक्ल द्वादशी है, जो दोपहर 2:37 पर समाप्त होती है। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद है।
- सूर्योदय: सुबह 6:27
- सूर्यास्त: शाम 5:44
- राहु काल: सुबह 10:41 से दोपहर 12:05
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
सूर्योदय के समय शुक्ल त्रयोदशी है, जो दोपहर 1:37 पर समाप्त होती है। नक्षत्र उत्तर भाद्रपद है।
- सूर्योदय: सुबह 6:27
- सूर्यास्त: शाम 5:43
- राहु काल: सुबह 9:16 से 10:41
रविवार, 25 अक्टूबर 2026
सूर्योदय के समय शुक्ल चतुर्दशी है, जो सुबह 11:56 पर समाप्त होती है। नक्षत्र रेवती है।
- सूर्योदय: सुबह 6:28
- सूर्यास्त: शाम 5:42
- राहु काल: शाम 4:18 से 5:42
राहु काल के बारे में
परंपरा में राहु काल को नया काम शुरू करने के लिए कम अनुकूल माना जाता है। इसलिए बहुत से लोग शुभ शुरुआत इस अवधि के बाहर रखना पसंद करते हैं। यह दिन का एक निश्चित हिस्सा भर है। इसमें डरने जैसा कुछ नहीं है, और रोज़मर्रा के काम सामान्य रूप से चलते रहते हैं।
रोज़ का पंचांग
किसी भी दिन की पूरी जानकारी आज का पंचांग पेज पर मिल जाती है। चाहें तो रोज़ का पंचांग ईमेल लगवा लें, ताकि हर सुबह तिथि, नक्षत्र और राहु काल सीधे आपके इनबॉक्स में पहुँचे।
यह कैसे लिखा जाता है: तारीख़ें, समय और ग्रह स्थितियाँ उन्हीं गणनाओं से आती हैं जिनसे हमारे टूल चलते हैं। लेख AI की मदद से सिर्फ़ इन्हीं तथ्यों से लिखा जाता है, फिर छपने से पहले अपने-आप जाँचा जाता है — हर तारीख़ और समय गणना से मिलाया जाता है, और पूरा लेख एक दूसरा, स्वतंत्र AI संपादक सटीकता और भाषा के लिए पढ़ता है। यह प्रवृत्तियाँ बताता है, निश्चित भविष्य नहीं — और यहाँ कुछ बेचा नहीं जाता। कोई ग़लती दिखे तो hello@bhagyabidata.com पर बताएँ।