धनतेरस 2026: 6 नवंबर की तारीख, प्रदोष मुहूर्त और शहरों के समय

23 अक्टूबर 2026 · लेखक Bhagya Bidata · Read in English

धनतेरस क्या है

धनतेरस दीपावली के पाँच दिनों के उत्सव की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन धन्वंतरि का स्मरण किया जाता है, जिन्हें परंपरा में आयुर्वेद और अच्छे स्वास्थ्य का देवता माना गया है। साथ ही लक्ष्मी और कुबेर की पूजा भी होती है। "धन" शब्द का अर्थ केवल पैसा नहीं, बल्कि समृद्धि और स्वास्थ्य दोनों से जुड़ा है।

कई घरों में इस दिन शाम को दीया जलाया जाता है और घर की साफ-सफाई पहले से कर ली जाती है। कुछ परिवार इस दिन नए बर्तन या सोना-चाँदी खरीदने की परंपरा निभाते हैं। यह परिवार और क्षेत्र की अपनी रीति है, कोई बाध्यता नहीं।

2026 में धनतेरस कब है

तिथि: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

यह पर्व आश्विन माह में आता है।

तारीख कैसे तय होती है

धनतेरस कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। लेकिन केवल तिथि देख लेना काफी नहीं होता। इस पर्व की पूजा प्रदोष काल में की जाती है, यानी सूर्यास्त के बाद का वह समय जब संध्या गहराने लगती है।

इसलिए नियम यह है कि जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल में मौजूद हो, उसी दिन धनतेरस माना जाता है। कभी-कभी तिथि दो दिनों में बँट जाती है, तब यही नियम निर्णय करता है। प्रदोष का समय सूर्यास्त पर निर्भर है, और सूर्यास्त हर शहर में अलग होता है। इसी कारण पूजा का मुहूर्त शहर-दर-शहर बदलता है।

शहरों के अनुसार पूजा मुहूर्त

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं। तारीख सभी शहरों के लिए 6 नवंबर 2026 है।

  • दिल्ली: शाम 5:33 से रात 8:10 तक (सूर्योदय सुबह 6:37)
  • मुंबई: शाम 6:03 से रात 8:35 तक (सूर्योदय सुबह 6:41)
  • कोलकाता: शाम 4:56 से शाम 7:30 तक (सूर्योदय सुबह 5:44)
  • चेन्नई: शाम 5:41 से रात 8:10 तक (सूर्योदय सुबह 6:04)
  • बेंगलुरु: शाम 5:52 से रात 8:20 तक (सूर्योदय सुबह 6:15)
  • गुवाहाटी: शाम 4:38 से शाम 7:14 तक (सूर्योदय सुबह 5:35)

ध्यान दें कि पूर्व के शहर, जैसे कोलकाता और गुवाहाटी, में सूर्यास्त जल्दी होता है, इसलिए वहाँ मुहूर्त भी पहले शुरू होता है। पश्चिम में मुंबई का मुहूर्त सबसे बाद में शुरू होता है।

पूजा के समय कैसे सोचें

मुहूर्त को एक सुविधाजनक खिड़की की तरह देखें, कोई कठोर रेखा नहीं। इस अवधि में शांत मन से पूजा करना पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है। अगर काम या यात्रा के कारण आप ठीक इसी समय पूजा न कर पाएँ, तो घबराने की जरूरत नहीं। श्रद्धा और सरल मन से किया गया स्मरण ही इस दिन का सार है।

जो लोग चाहें, वे इस दिन दान करना या अपनी इच्छा से व्रत रखना भी चुनते हैं। यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था की बात है।

अपने शहर का समय कहाँ देखें

ऊपर दिए छह शहरों के अलावा आपका शहर अलग हो सकता है, और कुछ मिनटों का फर्क भी मायने रखता है। अपने शहर का सटीक मुहूर्त धनतेरस पर्व पृष्ठ पर देखें। रोज़ की तिथि, नक्षत्र और सूर्यास्त जैसी जानकारी के लिए आज का पंचांग उपयोगी रहेगा। अन्य त्योहारों की तारीखें त्योहार सूची में मिल जाएँगी।

संक्षेप में

  • पर्व: धनतेरस, आश्विन माह, कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी
  • तारीख: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
  • नियम: त्रयोदशी का प्रदोष काल में होना
  • मुहूर्त: शहर के सूर्यास्त के अनुसार बदलता है, इसलिए अपने शहर का समय जरूर जाँचें

धनतेरस का दिन स्वास्थ्य, समृद्धि और घर में उजाले का स्वागत करने का अवसर है। शुभ दीपावली की तैयारी शांत मन से शुरू करें।

यह कैसे लिखा जाता है: तारीख़ें, समय और ग्रह स्थितियाँ उन्हीं गणनाओं से आती हैं जिनसे हमारे टूल चलते हैं। लेख AI की मदद से सिर्फ़ इन्हीं तथ्यों से लिखा जाता है, फिर छपने से पहले अपने-आप जाँचा जाता है — हर तारीख़ और समय गणना से मिलाया जाता है, और पूरा लेख एक दूसरा, स्वतंत्र AI संपादक सटीकता और भाषा के लिए पढ़ता है। यह प्रवृत्तियाँ बताता है, निश्चित भविष्य नहीं — और यहाँ कुछ बेचा नहीं जाता। कोई ग़लती दिखे तो hello@bhagyabidata.com पर बताएँ।

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