हिंदू त्योहार · नई दिल्ली के लिए गणना
धनतेरस 2026 कब है — प्रदोष काल पूजा समय
2026 में नई दिल्ली में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। धन्वंतरि जयंती और दिवाली उत्सव का पहला दिन।
प्रदोष काल पूजा समय: प्रदोष: सूर्यास्त के बाद रात का पहला पाँचवाँ भाग, तिथि रहते।
तारीख़ कैसे तय होती है
दिवाली से पहले की कृष्ण त्रयोदशी — जिस दिन त्रयोदशी प्रदोष काल (रात का पहला पाँचवाँ भाग) में हो।
आने वाले वर्षों की तारीख़ें (नई दिल्ली)
| वर्ष | तारीख़ | प्रदोष काल पूजा समय |
|---|---|---|
| 2026 | शुक्रवार, 6 नवंबर कृष्ण त्रयोदशी: सुबह 10:31, 6 नवंबर → सुबह 10:48, 7 नवंबर | शाम 5:33 – रात 8:10 |
| 2027 | बुधवार, 27 अक्टूबर कृष्ण त्रयोदशी: रात 1:04, 27 अक्टूबर → रात 10:50, 27 अक्टूबर | शाम 5:40 – रात 8:14 |
| 2028 | रविवार, 15 अक्टूबर कृष्ण त्रयोदशी: शाम 7:17, 15 अक्टूबर → दोपहर 3:46, 16 अक्टूबर | शाम 7:17 – रात 8:22 |
नई दिल्ली का उस दिन का पूरा पंचांग देखें →
आपके शहर में
तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, पर सूर्योदय, सूर्यास्त, आधी रात और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं — इसलिए त्योहार का दिन शहर-शहर में अलग हो सकता है, ख़ासकर विदेश में।
| तारीख़ | शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 |
|---|---|
| प्रदोष काल पूजा समय | शाम 5:33 – रात 8:10 |
2026 में जिन शहरों की तारीख़ अलग है
2026 में सूची के सभी शहरों में तारीख़ नई दिल्ली जैसी ही है; बस समय अलग हैं।
त्योहार के बारे में
धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहते हैं, दिवाली से पहले की कृष्ण त्रयोदशी है और पाँच दिन के इस उत्सव का पहला दिन। यह देवताओं के वैद्य धन्वंतरि का दिन है, जो समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, और आयुर्वेद के चिकित्सक इस दिन उनका सम्मान करते हैं। समृद्धि के लिए लक्ष्मी और कुबेर की भी पूजा होती है।
घरों की सफ़ाई और सजावट होती है, शाम को दरवाज़े के बाहर यम के लिए दीया जलाया जाता है (यम दीपदान), और बहुत से परिवार घर के लिए कुछ नया ख़रीदते हैं — बर्तन, झाड़ू, चाँदी या सोना। अक्षय तृतीया की तरह यह ख़रीदारी एक प्रथा है, कोई अनिवार्यता नहीं; पुराना पालन दीया, पूजा और अपने स्वास्थ्य की देखभाल है।
पूजा प्रदोष काल में, यानी सूर्यास्त के बाद रात के पहले भाग में होती है, इसलिए तारीख़ वह दिन है जिस दिन त्रयोदशी इस समय में हो।
आम सवाल
धनतेरस 2026 कब है?
नई दिल्ली में धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। कृष्ण त्रयोदशी: सुबह 10:31, 6 नवंबर → सुबह 10:48, 7 नवंबर।
धनतेरस 2026 में प्रदोष काल पूजा समय क्या है?
नई दिल्ली के लिए: शाम 5:33 – रात 8:10। यह समय शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला गया है, इसलिए दूसरे शहरों में यह कुछ मिनट या उससे ज़्यादा अलग होगा।
क्या धनतेरस की तारीख़ हर शहर में एक ही है?
2026 में हमारी सूची के सभी शहरों में — विदेश के शहरों समेत — तारीख़ वही है; केवल मुहूर्त का समय बदलता है। कुछ वर्षों में ऐसा नहीं होता, ख़ासकर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में।
धनतेरस पर यम के लिए दीया क्यों जलाया जाता है?
एक प्रसिद्ध कथा राजा हिम के पुत्र की है, जिसकी जान उसकी पत्नी के रात भर दीये जलाकर जागते रहने से बची। उसी की याद में धनतेरस की शाम घर के बाहर दक्षिण की ओर मुख करके एक दीया जलाया जाता है — यम दीपदान — परिवार की लंबी और स्वस्थ आयु की प्रार्थना के रूप में।