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दैनिक पंचांग · सिंगापुर

सिंगापुर का आज का पंचांग

तिथि, नक्षत्र, योग और करण उनके बदलने के सही समय के साथ, सूर्योदय और सूर्यास्त, राहुकाल, दिन के शुभ मुहूर्त और चौघड़िया — सब सिंगापुर के अपने सूर्योदय से (1.35° उ., 103.82° पू.), स्थानीय समय में। किसी और दिन का पंचांग देखने के लिए तीर या तारीख़ का बॉक्स इस्तेमाल करें।

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 · आज

आश्विन (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत) · शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083 · शक संवत 1948

आज का राहुकाल: दोपहर 3:51 – शाम 5:21

सूर्योदयसुबह 6:47
सूर्यास्तशाम 6:52
चंद्रोदयदोपहर 2:21
चंद्रास्त21 अक्टूबर, रात 2:39

पंचांग के पाँच अंग

वारमंगलवार · स्वामी ग्रह मंगल
तिथि
  • शुक्ल नवमी दोपहर 3:21 तक
  • शुक्ल दशमी 21 अक्टूबर, शाम 4:42 तक
नक्षत्र
  • श्रवण रात 8:32 तक
  • धनिष्ठा 21 अक्टूबर, रात 10:18 तक
योग
  • शूल 21 अक्टूबर, रात 3:20 तक
  • गंड 22 अक्टूबर, रात 3:03 तक
करण
  • कौलव दोपहर 3:21 तक
  • तैतिल 21 अक्टूबर, सुबह 4:07 तक
  • गर 21 अक्टूबर, शाम 4:42 तक
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशितुला (निरयन)

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्तसुबह 5:12 – सुबह 6:00
अभिजित मुहूर्तदोपहर 12:25 – दोपहर 1:14
विजय मुहूर्तदोपहर 2:50 – दोपहर 3:39
निशीथ मुहूर्त21 अक्टूबर, रात 12:26 – रात 1:13

आमतौर पर टाले जाने वाले समय

राहुकालदोपहर 3:51 – शाम 5:21
यमगंडसुबह 9:48 – सुबह 11:19
गुलिक कालदोपहर 12:50 – दोपहर 2:20

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

रोगसुबह 6:47 – सुबह 8:18
उद्वेगसुबह 8:18 – सुबह 9:48
चरसुबह 9:48 – सुबह 11:19
लाभसुबह 11:19 – दोपहर 12:50
अमृतदोपहर 12:50 – दोपहर 2:20
कालदोपहर 2:20 – दोपहर 3:51
शुभदोपहर 3:51 – शाम 5:21
रोगशाम 5:21 – शाम 6:52

रात का चौघड़िया

कालशाम 6:52 – रात 8:21
लाभरात 8:21 – रात 9:51
उद्वेगरात 9:51 – रात 11:20
शुभरात 11:20 – 21 अक्टूबर, रात 12:49
अमृत21 अक्टूबर, रात 12:49 – रात 2:19
चर21 अक्टूबर, रात 2:19 – रात 3:48
रोग21 अक्टूबर, रात 3:48 – सुबह 5:18
काल21 अक्टूबर, सुबह 5:18 – सुबह 6:47

अमृत, शुभ और लाभ परंपरा से अच्छे माने जाते हैं; चर सामान्य है और यात्रा के लिए लिया जाता है; उद्वेग, काल और रोग में नए काम की शुरुआत परंपरा से टाली जाती है।

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अपने जन्म के पल का पंचांग देखना है? मुफ़्त जन्म कुंडली आपकी कुंडली दिखाती है, और बृहत रिपोर्ट आपके जन्म पंचांग का पूरा विवरण देती है।

यह पंचांग कैसे पढ़ें

पंचांग का अर्थ है ‘पाँच अंग’ — वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। इस पेज का हर मान सिंगापुर के लिए सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से गणना करके निकाला गया है, किसी छपी तालिका से नहीं, इसलिए आप किसी भी मान को अपने पंचांग से मिलाकर देख सकते हैं।

दिन सूर्योदय से शुरू होता है

पंचांग का दिन आधी रात से नहीं, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। हर अंग का नाम सूर्योदय के समय की स्थिति से लिया जाता है, और अगले सूर्योदय से पहले होने वाला हर बदलाव उसके समय के साथ दिखाया जाता है। इसीलिए आधी रात के बाद का कोई समय अगली तारीख़ के साथ लिखा होता है — वह फिर भी इसी पंचांग दिवस का हिस्सा है।

पाँच अंग

  • तिथि — चंद्र दिवस: चंद्रमा सूर्य से हर 12° आगे बढ़ने पर एक तिथि पूरी करता है। एक चंद्र मास में तीस तिथियाँ होती हैं — पंद्रह शुक्ल पक्ष में (पूर्णिमा तक) और पंद्रह कृष्ण पक्ष में (अमावस्या तक)।
  • नक्षत्र — चंद्रमा जिस नक्षत्र में है। सत्ताईस नक्षत्र हैं, हर एक 13°20′ का।
  • योग — सूर्य और चंद्रमा के निरयन भोगांश का योग, सत्ताईस भागों में।
  • करण — आधी तिथि। विष्टि करण को भद्रा भी कहते हैं, और शुभ कामों की शुरुआत में इसे टाला जाता है।
  • वार — सप्ताह का दिन, जो सूर्योदय से गिना जाता है, आधी रात से नहीं।

मुहूर्त और टाले जाने वाले समय

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल दिन के उजाले को आठ बराबर भागों में बाँटकर वार के अनुसार चुने जाते हैं। अभिजित मुहूर्त दोपहर के आसपास का शुभ समय है, और ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का, जो ध्यान और पढ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है। चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। ये सब समय चुनने के पारंपरिक नियम हैं — किसी दिन को डरने की वजह नहीं।

गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ, जैसा पंचांगों में चलता है। चंद्रोदय और चंद्रास्त छपे पंचांगों से कुछ मिनट अलग हो सकते हैं।

त्योहारों की तिथि और मुहूर्त — दिवाली, होली, नवरात्रि और अन्य।

आम सवाल

सिंगापुर का पंचांग किसी दूसरे शहर के छपे पंचांग से अलग क्यों है?

क्योंकि पंचांग का दिन सूर्योदय से शुरू होता है, और सूर्योदय इस पर निर्भर है कि आप कहाँ हैं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही पल में बदलते हैं, पर सिंगापुर के सूर्योदय के समय कौन-सा चल रहा है — और हर बदलाव का स्थानीय समय क्या है — यह सिंगापुर की भौगोलिक स्थिति से तय होता है। राहुकाल और मुहूर्त सिंगापुर के अपने दिन की लंबाई के हिस्से हैं, इसलिए वे भी उसी के साथ बदलते हैं।

आज सिंगापुर में राहुकाल कब है?

ऊपर सिंगापुर का राहुकाल आज के असली सूर्योदय और सूर्यास्त से दिया गया है। राहुकाल दिन के उजाले का आठवाँ हिस्सा है, इसलिए इसका घड़ी वाला समय साल भर हर दिन थोड़ा बदलता है।

यह अमांत है या पूर्णिमांत?

दोनों दिखाए गए हैं। शुक्ल पक्ष में दोनों प्रणालियों में महीने का नाम एक ही होता है और कृष्ण पक्ष में अलग। अमांत (अमावस्या पर ख़त्म होने वाला महीना) गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में चलता है; पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर ख़त्म होने वाला) उत्तर भारत के ज़्यादातर हिस्सों में।

क्या सिंगापुर में भारतीय पंचांग इस्तेमाल कर सकते हैं?

समय के लिए नहीं। तिथि और नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही पल में बदलते हैं, पर भारतीय पंचांग वह पल भारतीय समय में देता है और दिन को भारत के सूर्योदय से गिनता है। सिंगापुर के लिए यह पेज सब कुछ स्थानीय समय (Asia/Singapore) में बदलता है और दिन सिंगापुर के सूर्योदय से शुरू करता है — इससे किसी तारीख़ पर मानी जाने वाली तिथि भी बदल सकती है।