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कृष्ण जन्माष्टमी 2027 कब है — निशीथ पूजा समय

2027 में नई दिल्ली में कृष्ण जन्माष्टमी बुधवार, 25 अगस्त 2027 को है। आधी रात कृष्ण का जन्म — व्रत, भजन और मध्यरात्रि की पूजा।

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तारीख़बुधवार, 25 अगस्त
निशीथ पूजा समयरात 12:01 – रात 12:46, 26 अगस्त
कृष्ण अष्टमी आरंभरात 8:25, 24 अगस्त
कृष्ण अष्टमी समाप्तशाम 7:20, 25 अगस्त

निशीथ पूजा समय: निशीथ: रात के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ, लगभग स्थानीय आधी रात।

तारीख़ कैसे तय होती है

कृष्ण पक्ष की अष्टमी (पूर्णिमांत भाद्रपद, अमांत श्रावण) — जिस रात अष्टमी निशीथ काल (मध्यरात्रि) में हो; यह स्मार्त नियम है, क्योंकि कृष्ण का जन्म आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में माना जाता है। एक अपवाद: अगर अगले दिन सूर्योदय पर अष्टमी हो और उस रात की मध्यरात्रि में रोहिणी हो (जयंती योग), तो अगली रात ली जाती है। वैष्णव और इस्कॉन पंचांग उदया अष्टमी लेते हैं; दोनों अलग हों तो दोनों दिखाए गए हैं।

इस वर्ष पिछली आधी रात को भी अष्टमी है, पर इस दिन सूर्योदय पर अष्टमी है और आधी रात को रोहिणी नक्षत्र (जयंती योग), इसलिए यह रात मानी गई।

आने वाले वर्षों की तारीख़ें (नई दिल्ली)

वर्षतारीख़निशीथ पूजा समय
2026शुक्रवार, 4 सितंबर · बीत चुका
कृष्ण अष्टमी: रात 2:26, 4 सितंबर → रात 12:14, 5 सितंबर
रात 11:58 – रात 12:14, 5 सितंबर
2027बुधवार, 25 अगस्त
कृष्ण अष्टमी: रात 8:25, 24 अगस्त → शाम 7:20, 25 अगस्त
रात 12:01 – रात 12:46, 26 अगस्त
2028रविवार, 13 अगस्त
कृष्ण अष्टमी: सुबह 4:43, 13 अगस्त → सुबह 5:37, 14 अगस्त
रात 12:04 – रात 12:48, 14 अगस्त
2029शनिवार, 1 सितंबर
कृष्ण अष्टमी: रात 9:01, 31 अगस्त → रात 10:57, 1 सितंबर
रात 11:59 – रात 12:44, 2 सितंबर

नई दिल्ली का उस दिन का पूरा पंचांग देखें →

आपके शहर में

तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, पर सूर्योदय, सूर्यास्त, आधी रात और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं — इसलिए त्योहार का दिन शहर-शहर में अलग हो सकता है, ख़ासकर विदेश में।

तारीख़बुधवार, 25 अगस्त 2027
निशीथ पूजा समयरात 12:01 – रात 12:46, 26 अगस्त

दिल्ली का पूरा पंचांग →

2027 में जिन शहरों की तारीख़ अलग है

त्योहार के बारे में

कृष्ण जन्माष्टमी विष्णु के आठवें अवतार कृष्ण के जन्म का उत्सव है, जो भाद्रपद (अमांत गणना में श्रावण) कृष्ण अष्टमी को मनाया जाता है। कथा के अनुसार कृष्ण का जन्म आधी रात को, रोहिणी नक्षत्र में, मथुरा के कारागार में हुआ, जहाँ से उनके पिता वसुदेव उन्हें उफनती यमुना पार करके गोकुल ले गए।

भक्त दिन भर व्रत रखते हैं और जागरण करते हैं, भजन गाते हैं और भागवत पुराण का पाठ करते हैं। आधी रात को बाल कृष्ण की प्रतिमा को स्नान कराकर, सजाकर, सजे हुए पालने में रखा जाता है, और पंजीरी, माखन-मिश्री और फलों के प्रसाद से व्रत खोला जाता है। मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में उनके बचपन की झाँकियाँ सजती हैं; महाराष्ट्र में अगले दिन दही हांडी होती है, जब गोविंदा मानव पिरामिड बनाकर ऊँचे टँगी दही की मटकी फोड़ते हैं।

दो पंचांग चलते हैं। स्मार्त तारीख़ वह रात है जिसमें अष्टमी मध्यरात्रि में हो; इस्कॉन समेत वैष्णव पंचांग सूर्योदय के समय की अष्टमी लेते हैं। दोनों अलग हों तो यहाँ दोनों तारीख़ें दिखाई जाती हैं।

आम सवाल

कृष्ण जन्माष्टमी 2027 कब है?

नई दिल्ली में कृष्ण जन्माष्टमी 2027 बुधवार, 25 अगस्त 2027 को है। कृष्ण अष्टमी: रात 8:25, 24 अगस्त → शाम 7:20, 25 अगस्त।

कृष्ण जन्माष्टमी 2027 में निशीथ पूजा समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: रात 12:01 – रात 12:46, 26 अगस्त। यह समय शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला गया है, इसलिए दूसरे शहरों में यह कुछ मिनट या उससे ज़्यादा अलग होगा।

क्या कृष्ण जन्माष्टमी की तारीख़ हर शहर में एक ही है?

2027 में ज़्यादातर शहरों में नहीं बदलती, पर सैन फ़्रांसिस्को में तारीख़ अलग है, क्योंकि वहाँ का सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय तिथि के बदलने के समय के दूसरी ओर पड़ता है।

कुछ वर्षों में जन्माष्टमी की दो तारीख़ें क्यों होती हैं?

स्मार्त परंपरा वह रात मानती है जिसमें अष्टमी तिथि मध्यरात्रि में हो, जो कृष्ण के जन्म का समय है। इस्कॉन समेत वैष्णव परंपराएँ वह दिन मानती हैं जिस दिन सूर्योदय के समय अष्टमी हो, और सप्तमी से मिली अष्टमी को टालती हैं। जब अष्टमी देर रात शुरू होती है, तो दोनों नियम लगातार दो दिन देते हैं।