हिंदू त्योहार · नई दिल्ली के लिए गणना
दिवाली 2026 कब है — लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
2026 में नई दिल्ली में दिवाली रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। दीपों का पर्व — अमावस्या की रात लक्ष्मी पूजा।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष: सूर्यास्त के बाद रात का पहला पाँचवाँ भाग, अमावस्या रहते। कई पंचांग लक्ष्मी पूजा को प्रदोष के उस हिस्से तक सीमित करते हैं जिसमें स्थिर लग्न (जैसे वृषभ) हो; यह पेज पूरा प्रदोष दिखाता है।
तारीख़ कैसे तय होती है
अमावस्या (अमांत आश्विन, पूर्णिमांत कार्तिक) — जिस शाम अमावस्या प्रदोष काल में हो। दोनों शाम हो तो दूसरी, बशर्ते दूसरे सूर्यास्त के बाद कम से कम एक घटी (24 मिनट) रहे; नहीं तो पहली।
आने वाले वर्षों की तारीख़ें (नई दिल्ली)
| वर्ष | तारीख़ | लक्ष्मी पूजा मुहूर्त |
|---|---|---|
| 2026 | रविवार, 8 नवंबर अमावस्या: सुबह 11:28, 8 नवंबर → दोपहर 12:33, 9 नवंबर | शाम 5:31 – रात 8:09 |
| 2027 | शुक्रवार, 29 अक्टूबर अमावस्या: रात 8:48, 28 अक्टूबर → शाम 7:07, 29 अक्टूबर | शाम 5:39 – शाम 7:07 |
| 2028 | मंगलवार, 17 अक्टूबर अमावस्या: दोपहर 12:05, 17 अक्टूबर → सुबह 8:27, 18 अक्टूबर | शाम 5:49 – रात 8:20 |
नई दिल्ली का उस दिन का पूरा पंचांग देखें →
आपके शहर में
तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, पर सूर्योदय, सूर्यास्त, आधी रात और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं — इसलिए त्योहार का दिन शहर-शहर में अलग हो सकता है, ख़ासकर विदेश में।
| तारीख़ | रविवार, 8 नवंबर 2026 |
|---|---|
| लक्ष्मी पूजा मुहूर्त | शाम 5:31 – रात 8:09 |
2026 में जिन शहरों की तारीख़ अलग है
2026 में सूची के सभी शहरों में तारीख़ नई दिल्ली जैसी ही है; बस समय अलग हैं।
त्योहार के बारे में
दिवाली, या दीपावली — "दीपों की पंक्ति" — कार्तिक (अमांत गणना में आश्विन) अमावस्या की रात है और धनतेरस से भाई दूज तक चलने वाले पाँच दिन के उत्सव का केंद्र। उत्तर में यह चौदह साल के वनवास के बाद राम के अयोध्या लौटने का उत्सव है, जब नगर ने दीये जलाकर उनका स्वागत किया; दक्षिण में इससे एक दिन पहले नरक चतुर्दशी है, नरकासुर पर कृष्ण की विजय; बंगाल और असम में यह रात काली पूजा की है। जैन इसे महावीर के निर्वाण के रूप में और सिख बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाते हैं।
घरों की सफ़ाई होती है, दीये जलाए जाते हैं, दरवाज़े पर रंगोली बनती है, परिवार नए कपड़े पहनते हैं, मिठाइयाँ बाँटते हैं और रिश्तेदारों से मिलते हैं। शाम को लक्ष्मी और गणेश की पूजा होती है, और बहुत से व्यापारी नए बही-खाते शुरू करते हैं (चोपड़ा पूजन)। इस रात आतिशबाज़ी भी होती है; साफ़ हवा के लिए अब कई शहर इसे सीमित करते हैं, और दीये व सामूहिक उत्सव इस रात की भावना को उतनी ही अच्छी तरह निभाते हैं।
लक्ष्मी पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में, अमावस्या रहते की जाती है। जब अमावस्या दो शामों को छुए, तो दूसरी शाम तभी ली जाती है जब वह सूर्यास्त के बाद कम से कम एक घटी (24 मिनट) रहे।
आम सवाल
दिवाली 2026 कब है?
नई दिल्ली में दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। अमावस्या: सुबह 11:28, 8 नवंबर → दोपहर 12:33, 9 नवंबर।
दिवाली 2026 में लक्ष्मी पूजा मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली के लिए: शाम 5:31 – रात 8:09। यह समय शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला गया है, इसलिए दूसरे शहरों में यह कुछ मिनट या उससे ज़्यादा अलग होगा।
क्या दिवाली की तारीख़ हर शहर में एक ही है?
2026 में हमारी सूची के सभी शहरों में — विदेश के शहरों समेत — तारीख़ वही है; केवल मुहूर्त का समय बदलता है। कुछ वर्षों में ऐसा नहीं होता, ख़ासकर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में।
2025 में दिवाली की तारीख़ पर पंचांगों में मतभेद क्यों था?
दिल्ली में अमावस्या 20 अक्टूबर की दोपहर शुरू हुई और 21 अक्टूबर को सूर्यास्त के लगभग दस मिनट बाद ख़त्म हो गई। परंपरागत नियम के अनुसार दूसरी शाम के प्रदोष में अमावस्या कम से कम एक घटी (24 मिनट) रहनी चाहिए, इसलिए ज़्यादातर पंचांगों में 20 अक्टूबर मुख्य तारीख़ थी; कुछ पंचांग, जो थोड़ा-सा मेल भी गिनते हैं, 21 अक्टूबर दिखा रहे थे।