हिंदू त्योहार · नई दिल्ली के लिए गणना

राम नवमी 2027 कब है — मध्याह्न पूजा मुहूर्त

2027 में नई दिल्ली में राम नवमी गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 को है। चैत्र शुक्ल नवमी को दोपहर में राम का जन्मोत्सव।

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तारीख़गुरुवार, 15 अप्रैल
मध्याह्न पूजा मुहूर्तसुबह 11:04 – दोपहर 1:21
शुक्ल नवमी आरंभदोपहर 3:24, 14 अप्रैल
शुक्ल नवमी समाप्तदोपहर 1:21, 15 अप्रैल

मध्याह्न पूजा मुहूर्त: मध्याह्न: दिन का बीच वाला पाँचवाँ भाग, तिथि रहते।

तारीख़ कैसे तय होती है

चैत्र शुक्ल नवमी — जिस दिन नवमी मध्याह्न (दिन का बीच वाला पाँचवाँ भाग) में हो, क्योंकि राम का जन्म दोपहर में माना जाता है। दो दिन मध्याह्न को छुए तो वह दिन जिसमें वह मध्याह्न का ज़्यादा हिस्सा घेरे। वैष्णव और इस्कॉन पंचांग उदया तिथि लेते हैं; दोनों अलग हों तो दोनों दिखाए गए हैं।

आने वाले वर्षों की तारीख़ें (नई दिल्ली)

वर्षतारीख़मध्याह्न पूजा मुहूर्त
2026गुरुवार, 26 मार्च · बीत चुका
वैष्णव / इस्कॉन: शुक्रवार, 27 मार्च
शुक्ल नवमी: सुबह 11:49, 26 मार्च → सुबह 10:07, 27 मार्च
सुबह 11:49 – दोपहर 1:41
2027गुरुवार, 15 अप्रैल
शुक्ल नवमी: दोपहर 3:24, 14 अप्रैल → दोपहर 1:21, 15 अप्रैल
सुबह 11:04 – दोपहर 1:21
2028सोमवार, 3 अप्रैल
वैष्णव / इस्कॉन: मंगलवार, 4 अप्रैल
शुक्ल नवमी: दोपहर 12:01, 3 अप्रैल → सुबह 10:08, 4 अप्रैल
दोपहर 12:01 – दोपहर 1:40
2029रविवार, 22 अप्रैल
वैष्णव / इस्कॉन: सोमवार, 23 अप्रैल
शुक्ल नवमी: दोपहर 12:55, 22 अप्रैल → सुबह 11:30, 23 अप्रैल
दोपहर 12:55 – दोपहर 1:38

नई दिल्ली का उस दिन का पूरा पंचांग देखें →

आपके शहर में

तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, पर सूर्योदय, सूर्यास्त, आधी रात और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं — इसलिए त्योहार का दिन शहर-शहर में अलग हो सकता है, ख़ासकर विदेश में।

तारीख़गुरुवार, 15 अप्रैल 2027
मध्याह्न पूजा मुहूर्तसुबह 11:04 – दोपहर 1:21

दिल्ली का पूरा पंचांग →

2027 में जिन शहरों की तारीख़ अलग है

त्योहार के बारे में

राम नवमी चैत्र शुक्ल नवमी को विष्णु के सातवें अवतार और रामायण के नायक राम के जन्म का उत्सव है। इसी दिन चैत्र नवरात्रि के नौ दिन पूरे होते हैं, जो भारत के बड़े हिस्से में हिंदू नववर्ष के साथ शुरू होते हैं।

राम का जन्म दोपहर में माना जाता है, इसलिए मुख्य पूजा मध्याह्न में होती है: बाल राम की छोटी प्रतिमा पालने में रखी जाती है, शंख और घंटियों से जन्म की घोषणा होती है, और रामचरितमानस या रामायण का पाठ होता है। बहुत से लोग दोपहर तक या पूरे दिन व्रत रखते हैं। सबसे बड़ा उत्सव अयोध्या में होता है; दक्षिण भारत में इसी दिन सीता-राम कल्याणम (विवाह) भी मनाया जाता है, और कई जगह पानकम (गुड़ और काली मिर्च का शरबत) बाँटा जाता है।

स्मार्त पंचांग वह दिन लेते हैं जिस दिन नवमी मध्याह्न में हो। वैष्णव और इस्कॉन पंचांग सूर्योदय के समय की नवमी लेते हैं; कुछ वर्षों में दोनों लगातार दो दिन पड़ते हैं और दोनों दिखाए जाते हैं।

आम सवाल

राम नवमी 2027 कब है?

नई दिल्ली में राम नवमी 2027 गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 को है। शुक्ल नवमी: दोपहर 3:24, 14 अप्रैल → दोपहर 1:21, 15 अप्रैल।

राम नवमी 2027 में मध्याह्न पूजा मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली के लिए: सुबह 11:04 – दोपहर 1:21। यह समय शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला गया है, इसलिए दूसरे शहरों में यह कुछ मिनट या उससे ज़्यादा अलग होगा।

क्या राम नवमी की तारीख़ हर शहर में एक ही है?

2027 में ज़्यादातर शहरों में नहीं बदलती, पर लंदन, न्यूयॉर्क, टोरंटो, सैन फ़्रांसिस्को में तारीख़ अलग है, क्योंकि वहाँ का सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय तिथि के बदलने के समय के दूसरी ओर पड़ता है।

कुछ पंचांगों में राम नवमी दो दिन क्यों दिखती है?

क्योंकि दो नियम चलते हैं। स्मार्त नियम वह दिन लेता है जिस दिन नवमी तिथि मध्याह्न में हो, जो राम के जन्म का समय है। इस्कॉन समेत वैष्णव पंचांग वह दिन लेते हैं जिस दिन सूर्योदय के समय नवमी हो। जब नवमी सुबह देर से शुरू होती है, तो दोनों नियम लगातार दो दिन चुनते हैं।