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हनुमान जयंती 2027 कब है — सुबह की पूजा (पूर्णिमा रहते)

2027 में नई दिल्ली में हनुमान जयंती मंगलवार, 20 अप्रैल 2027 को है। हनुमान का जन्मोत्सव — उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा को।

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तारीख़मंगलवार, 20 अप्रैल
सुबह की पूजा (पूर्णिमा रहते)सुबह 5:51 – दोपहर 12:20
पूर्णिमा आरंभसुबह 4:52, 20 अप्रैल
पूर्णिमा समाप्तरात 3:57, 21 अप्रैल

सुबह की पूजा (पूर्णिमा रहते): सुबह, सूर्योदय से मध्याह्न तक, जब तक तिथि रहे।

तारीख़ कैसे तय होती है

चैत्र पूर्णिमा — जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा हो (उदया तिथि)। यह उत्तर भारत की तिथि है; कुछ क्षेत्रों में हनुमान जयंती दूसरी तिथियों पर भी मनाई जाती है।

आने वाले वर्षों की तारीख़ें (नई दिल्ली)

वर्षतारीख़सुबह की पूजा (पूर्णिमा रहते)
2026गुरुवार, 2 अप्रैल · बीत चुका
पूर्णिमा: सुबह 7:07, 1 अप्रैल → सुबह 7:42, 2 अप्रैल
सुबह 6:10 – सुबह 7:42
2027मंगलवार, 20 अप्रैल
पूर्णिमा: सुबह 4:52, 20 अप्रैल → रात 3:57, 21 अप्रैल
सुबह 5:51 – दोपहर 12:20
2028रविवार, 9 अप्रैल
पूर्णिमा: शाम 7:12, 8 अप्रैल → दोपहर 3:56, 9 अप्रैल
सुबह 6:02 – दोपहर 12:23
2029शनिवार, 28 अप्रैल
पूर्णिमा: शाम 7:56, 27 अप्रैल → शाम 4:07, 28 अप्रैल
सुबह 5:43 – दोपहर 12:19

नई दिल्ली का उस दिन का पूरा पंचांग देखें →

आपके शहर में

तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, पर सूर्योदय, सूर्यास्त, आधी रात और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं — इसलिए त्योहार का दिन शहर-शहर में अलग हो सकता है, ख़ासकर विदेश में।

तारीख़मंगलवार, 20 अप्रैल 2027
सुबह की पूजा (पूर्णिमा रहते)सुबह 5:51 – दोपहर 12:20

दिल्ली का पूरा पंचांग →

2027 में जिन शहरों की तारीख़ अलग है

त्योहार के बारे में

हनुमान जयंती — अब बहुत लोग इसे हनुमान जन्मोत्सव कहना पसंद करते हैं, क्योंकि हनुमान को चिरंजीवी माना जाता है — बल, निष्ठा और विनम्रता के प्रतीक, राम के परम भक्त हनुमान के जन्म का उत्सव है। उत्तर और मध्य भारत में यह चैत्र पूर्णिमा को, राम नवमी के लगभग एक हफ़्ते बाद, मनाया जाता है।

मंदिर भोर से पहले खुल जाते हैं, क्योंकि परंपरा से हनुमान का जन्म सूर्योदय के समय माना जाता है। भक्त हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं, हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाते हैं, और बूँदी के लड्डू जैसा प्रसाद बाँटते हैं। केसरिया ध्वजों के साथ शोभायात्राएँ निकलती हैं और बहुत से लोग व्रत रखते हैं।

क्षेत्र के हिसाब से तारीख़ बदलती है। उत्तर और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में हनुमान जन्म कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (दिवाली से एक दिन पहले) को भी मनाया जाता है; तमिलनाडु और केरल में मार्गशीर्ष में; आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में वैशाख में इकतालीस दिन की साधना पूरी होती है। यह पेज चैत्र पूर्णिमा की तारीख़ देता है।

आम सवाल

हनुमान जयंती 2027 कब है?

नई दिल्ली में हनुमान जयंती 2027 मंगलवार, 20 अप्रैल 2027 को है। पूर्णिमा: सुबह 4:52, 20 अप्रैल → रात 3:57, 21 अप्रैल।

हनुमान जयंती 2027 में सुबह की पूजा (पूर्णिमा रहते) क्या है?

नई दिल्ली के लिए: सुबह 5:51 – दोपहर 12:20। यह समय शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला गया है, इसलिए दूसरे शहरों में यह कुछ मिनट या उससे ज़्यादा अलग होगा।

क्या हनुमान जयंती की तारीख़ हर शहर में एक ही है?

2027 में ज़्यादातर शहरों में नहीं बदलती, पर सिडनी में तारीख़ अलग है, क्योंकि वहाँ का सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय तिथि के बदलने के समय के दूसरी ओर पड़ता है।

क्या हनुमान जयंती हर जगह एक ही दिन होती है?

नहीं। यहाँ दी गई उत्तर भारत की तारीख़ चैत्र पूर्णिमा है। कुछ समुदाय इसे कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को मनाते हैं, तमिलनाडु और केरल मार्गशीर्ष (मार्गऴि) में, और आंध्र प्रदेश व तेलंगाना वैशाख में।