हिंदू त्योहार · नई दिल्ली के लिए गणना

छठ पूजा 2026 कब है — संध्या अर्घ्य (सूर्यास्त)

2026 में नई दिल्ली में छठ पूजा रविवार, 15 नवंबर 2026 को है। सूर्य और छठी मैया की चार दिन की पूजा, नदी के घाट पर।

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तारीख़रविवार, 15 नवंबर
संध्या अर्घ्य (सूर्यास्त)सूर्यास्त शाम 5:28 · अगले दिन सूर्योदय सुबह 6:44
शुक्ल षष्ठी आरंभरात 11:24, 14 नवंबर
शुक्ल षष्ठी समाप्तरात 2:02, 16 नवंबर

संध्या अर्घ्य (सूर्यास्त): षष्ठी का सूर्यास्त (संध्या अर्घ्य) और अगली सुबह का सूर्योदय (उषा अर्घ्य)।

तारीख़ कैसे तय होती है

कार्तिक शुक्ल षष्ठी — जिस दिन सूर्योदय के समय षष्ठी हो (उदया तिथि)। उसी शाम डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य दिया जाता है और अगली सुबह उगते सूर्य को उषा अर्घ्य देकर व्रत पूरा होता है। चार दिन का यह पर्व दो दिन पहले नहाय-खाय से शुरू होता है।

आने वाले वर्षों की तारीख़ें (नई दिल्ली)

वर्षतारीख़संध्या अर्घ्य (सूर्यास्त)
2026रविवार, 15 नवंबर
शुक्ल षष्ठी: रात 11:24, 14 नवंबर → रात 2:02, 16 नवंबर
सूर्यास्त शाम 5:28 · अगले दिन सूर्योदय सुबह 6:44
2027गुरुवार, 4 नवंबर
शुक्ल षष्ठी: शाम 7:32, 3 नवंबर → रात 9:38, 4 नवंबर
सूर्यास्त शाम 5:34 · अगले दिन सूर्योदय सुबह 6:36
2028सोमवार, 23 अक्टूबर
शुक्ल षष्ठी: रात 8:55, 22 अक्टूबर → रात 8:53, 23 अक्टूबर
सूर्यास्त शाम 5:43 · अगले दिन सूर्योदय सुबह 6:28

नई दिल्ली का उस दिन का पूरा पंचांग देखें →

आपके शहर में

तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, पर सूर्योदय, सूर्यास्त, आधी रात और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं — इसलिए त्योहार का दिन शहर-शहर में अलग हो सकता है, ख़ासकर विदेश में।

तारीख़रविवार, 15 नवंबर 2026
संध्या अर्घ्य (सूर्यास्त)सूर्यास्त शाम 5:28 · अगले दिन सूर्योदय सुबह 6:44

दिल्ली का पूरा पंचांग →

2026 में जिन शहरों की तारीख़ अलग है

2026 में सूची के सभी शहरों में तारीख़ नई दिल्ली जैसी ही है; बस समय अलग हैं।

त्योहार के बारे में

छठ सूर्य और छठी मैया का चार दिन का पर्व है, जो दिवाली के छह दिन बाद कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाता है। यह सबसे बढ़कर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई का पर्व है, और अब जहाँ भी इन इलाक़ों के परिवार रहते हैं वहाँ मनाया जाता है — दिल्ली के घाटों पर, मुंबई के समुद्र तटों पर, और विदेशों में नदियों के किनारे।

चार दिन हैं: नहाय-खाय (स्नान और सादा भोजन), खरना (दिन भर का व्रत, जो शाम को गुड़ की खीर और रोटी से खुलता है), षष्ठी का संध्या अर्घ्य, जब व्रती सूर्यास्त के समय पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं, और अगली सुबह सूर्योदय पर उषा अर्घ्य, जिसके बाद लगभग छत्तीस घंटे का निर्जल व्रत खुलता है। ठेकुआ, फल और गन्ने का प्रसाद बाँस की टोकरियों (सूप) में ले जाया जाता है, और शामें छठ के गीतों से भर जाती हैं। यह पर्व अपनी सादगी, स्वच्छता और बिना पुरोहित व प्रतिमा के होने के लिए जाना जाता है।

जो समय सबसे मायने रखते हैं वे हैं षष्ठी का सूर्यास्त और अगली सुबह का सूर्योदय; आपके चुने हुए शहर के लिए दोनों दिखाए गए हैं।

आम सवाल

छठ पूजा 2026 कब है?

नई दिल्ली में छठ पूजा 2026 रविवार, 15 नवंबर 2026 को है। शुक्ल षष्ठी: रात 11:24, 14 नवंबर → रात 2:02, 16 नवंबर।

छठ पूजा 2026 में संध्या अर्घ्य (सूर्यास्त) क्या है?

नई दिल्ली के लिए: सूर्यास्त शाम 5:28 · अगले दिन सूर्योदय सुबह 6:44। यह समय शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला गया है, इसलिए दूसरे शहरों में यह कुछ मिनट या उससे ज़्यादा अलग होगा।

क्या छठ पूजा की तारीख़ हर शहर में एक ही है?

2026 में हमारी सूची के सभी शहरों में — विदेश के शहरों समेत — तारीख़ वही है; केवल मुहूर्त का समय बदलता है। कुछ वर्षों में ऐसा नहीं होता, ख़ासकर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में।

छठ के चार दिन कौन-से हैं?

चतुर्थी को नहाय-खाय, पंचमी को खरना, षष्ठी को संध्या अर्घ्य — मुख्य दिन, जो इस पेज पर दिखाया गया है — और सप्तमी के सूर्योदय पर उषा अर्घ्य, जिससे व्रत पूरा होता है।