हिंदू त्योहार · नई दिल्ली के लिए गणना

गणेश चतुर्थी 2027 कब है — मध्याह्न पूजा मुहूर्त

2027 में नई दिल्ली में गणेश चतुर्थी शनिवार, 4 सितंबर 2027 को है। गणपति का घर में स्वागत — दस दिन तक का उत्सव।

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तारीख़शनिवार, 4 सितंबर
मध्याह्न पूजा मुहूर्तसुबह 11:04 – दोपहर 12:26
शुक्ल चतुर्थी आरंभदोपहर 2:19, 3 सितंबर
शुक्ल चतुर्थी समाप्तदोपहर 12:26, 4 सितंबर

मध्याह्न पूजा मुहूर्त: मध्याह्न: दिन का बीच वाला पाँचवाँ भाग, तिथि रहते।

तारीख़ कैसे तय होती है

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी — जिस दिन चतुर्थी मध्याह्न में हो, क्योंकि गणेश का जन्म दोपहर में माना जाता है। दो दिन मध्याह्न को छुए तो वह दिन जिसमें वह मध्याह्न का ज़्यादा हिस्सा घेरे।

आने वाले वर्षों की तारीख़ें (नई दिल्ली)

वर्षतारीख़मध्याह्न पूजा मुहूर्त
2026सोमवार, 14 सितंबर · बीत चुका
शुक्ल चतुर्थी: सुबह 7:07, 14 सितंबर → सुबह 7:45, 15 सितंबर
सुबह 11:02 – दोपहर 1:31
2027शनिवार, 4 सितंबर
शुक्ल चतुर्थी: दोपहर 2:19, 3 सितंबर → दोपहर 12:26, 4 सितंबर
सुबह 11:04 – दोपहर 12:26
2028बुधवार, 23 अगस्त
शुक्ल चतुर्थी: सुबह 5:10, 23 अगस्त → रात 1:56, 24 अगस्त
सुबह 11:06 – दोपहर 1:41
2029मंगलवार, 11 सितंबर
शुक्ल चतुर्थी: सुबह 6:09, 11 सितंबर → रात 2:58, 12 सितंबर
सुबह 11:03 – दोपहर 1:32

नई दिल्ली का उस दिन का पूरा पंचांग देखें →

आपके शहर में

तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, पर सूर्योदय, सूर्यास्त, आधी रात और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं — इसलिए त्योहार का दिन शहर-शहर में अलग हो सकता है, ख़ासकर विदेश में।

तारीख़शनिवार, 4 सितंबर 2027
मध्याह्न पूजा मुहूर्तसुबह 11:04 – दोपहर 12:26

दिल्ली का पूरा पंचांग →

2027 में जिन शहरों की तारीख़ अलग है

त्योहार के बारे में

गणेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी भी कहते हैं, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेश के जन्म का उत्सव है। गणेश विघ्नहर्ता और शुरुआत के देवता हैं, जिनकी पूजा लगभग हर हिंदू अनुष्ठान में सबसे पहले होती है।

परिवार और मोहल्ले दोपहर में — गणेश के जन्म के समय — मिट्टी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करते हैं, और डेढ़, तीन, पाँच, सात या दस दिन तक मोदक, दूर्वा और लाल फूलों से उनकी पूजा करते हैं। उत्सव विसर्जन से पूरा होता है, जब प्रतिमा जल में विसर्जित की जाती है — पूरे दस दिन मनाने वालों के लिए अनंत चतुर्दशी को। महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में यह सबसे बड़े पैमाने पर मनाया जाता है; पुणे और मुंबई के सार्वजनिक उत्सव 1890 के दशक से चले आ रहे हैं। अब प्लास्टर ऑफ़ पेरिस की जगह कच्ची मिट्टी की प्रतिमाओं को बढ़ावा दिया जाता है, जो पानी में आसानी से घुल जाती हैं।

परंपरा कहती है कि इस रात चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। यहाँ दिखाया गया पूजा समय चतुर्थी रहते मध्याह्न का समय है।

आम सवाल

गणेश चतुर्थी 2027 कब है?

नई दिल्ली में गणेश चतुर्थी 2027 शनिवार, 4 सितंबर 2027 को है। शुक्ल चतुर्थी: दोपहर 2:19, 3 सितंबर → दोपहर 12:26, 4 सितंबर।

गणेश चतुर्थी 2027 में मध्याह्न पूजा मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली के लिए: सुबह 11:04 – दोपहर 12:26। यह समय शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला गया है, इसलिए दूसरे शहरों में यह कुछ मिनट या उससे ज़्यादा अलग होगा।

क्या गणेश चतुर्थी की तारीख़ हर शहर में एक ही है?

2027 में ज़्यादातर शहरों में नहीं बदलती, पर दुबई, लंदन, न्यूयॉर्क, टोरंटो, सैन फ़्रांसिस्को में तारीख़ अलग है, क्योंकि वहाँ का सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय तिथि के बदलने के समय के दूसरी ओर पड़ता है।

गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा क्यों नहीं देखा जाता?

पुराणों की एक कथा है कि चंद्रमा ने गणेश का उपहास किया जिससे गणेश अप्रसन्न हुए, और यह भी कि इस रात चंद्रमा देखने के बाद कृष्ण पर चोरी का झूठा आरोप लगा। प्रथा चंद्रमा को न देखने की है; अगर कोई देख ले, तो परंपरा से स्यमंतक मणि की कथा सुनी जाती है। यह इस दिन की एक प्रथा है, डरने की कोई बात नहीं।