हिंदू त्योहार · नई दिल्ली के लिए गणना

मकर संक्रांति 2027 कब है — पुण्य काल

2027 में नई दिल्ली में मकर संक्रांति शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को है। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश — पतंग, तिल और गुड़ का फ़सल पर्व।

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तारीख़शुक्रवार, 15 जनवरी
पुण्य कालसुबह 7:15 – दोपहर 12:31
सूर्य का मकर प्रवेशरात 9:06, 14 जनवरी

पुण्य काल: संक्रांति के क्षण से सूर्यास्त तक — या रात में संक्रांति हो तो अगली सुबह मध्याह्न तक।

तारीख़ कैसे तय होती है

जिस दिन सूर्य निरयण मकर राशि में प्रवेश करता है। अगर प्रवेश सूर्यास्त के बाद हो, तो पुण्य काल और त्योहार अगले दिन माने जाते हैं।

इस वर्ष सूर्य सूर्यास्त के बाद राशि बदलता है, इसलिए संक्रांति और उसका पुण्य काल अगले दिन माने गए।

आने वाले वर्षों की तारीख़ें (नई दिल्ली)

वर्षतारीख़पुण्य काल
2026बुधवार, 14 जनवरी · बीत चुका
संक्रांति: दोपहर 3:05, 14 जनवरी
दोपहर 3:05 – शाम 5:45
2027शुक्रवार, 15 जनवरी
संक्रांति: रात 9:06, 14 जनवरी
सुबह 7:15 – दोपहर 12:31
2028शनिवार, 15 जनवरी
संक्रांति: रात 3:18, 15 जनवरी
सुबह 7:15 – शाम 5:46
2029रविवार, 14 जनवरी
संक्रांति: सुबह 9:20, 14 जनवरी
सुबह 9:20 – शाम 5:46

नई दिल्ली का उस दिन का पूरा पंचांग देखें →

आपके शहर में

तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, पर सूर्योदय, सूर्यास्त, आधी रात और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं — इसलिए त्योहार का दिन शहर-शहर में अलग हो सकता है, ख़ासकर विदेश में।

तारीख़शुक्रवार, 15 जनवरी 2027
पुण्य कालसुबह 7:15 – दोपहर 12:31

दिल्ली का पूरा पंचांग →

2027 में जिन शहरों की तारीख़ अलग है

त्योहार के बारे में

मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य निरयण मकर राशि में प्रवेश करता है। लगभग सभी हिंदू त्योहार चंद्रमा से तय होते हैं, पर यह सूर्य से तय होता है, इसीलिए यह हर साल 14 या 15 जनवरी को ही पड़ता है। (अयन-चलन के कारण यह तारीख़ लगभग सत्तर साल में एक दिन आगे खिसकती है।) इसी दिन से उत्तरायण शुरू होता है — वह छह महीने जिनमें सूर्य को परंपरा से उत्तर की ओर चलता माना जाता है, और जिन्हें शुभ कामों के लिए अच्छा समय माना जाता है।

यह फ़सल का त्योहार है और इसके कई क्षेत्रीय नाम हैं: तमिलनाडु में पोंगल, असम में भोगाली बिहू, पंजाब में एक शाम पहले लोहड़ी, गुजरात में पतंगों वाला उत्तरायण, और पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार में खिचड़ी। हर जगह कुछ बातें साझा हैं — पवित्र स्नान (बहुत से लोग प्रयागराज और गंगासागर जाते हैं), ज़रूरतमंदों को तिल, गुड़, चावल और गर्म कपड़ों का दान, और पड़ोसियों के साथ तिल-गुड़ की मिठाई बाँटना। महाराष्ट्र में तिळगुळ देते हुए कहा जाता है — "तिळगुळ घ्या, गोड गोड बोला", यानी मीठा खाइए और मीठा बोलिए।

संक्रांति के क्षण के बाद का समय पुण्य काल कहलाता है, जिसे स्नान और दान के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। अगर सूर्य सूर्यास्त के बाद राशि बदले, तो पर्व अगली सुबह मनाया जाता है।

आम सवाल

मकर संक्रांति 2027 कब है?

नई दिल्ली में मकर संक्रांति 2027 शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को है।

मकर संक्रांति 2027 में पुण्य काल क्या है?

नई दिल्ली के लिए: सुबह 7:15 – दोपहर 12:31। यह समय शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला गया है, इसलिए दूसरे शहरों में यह कुछ मिनट या उससे ज़्यादा अलग होगा।

क्या मकर संक्रांति की तारीख़ हर शहर में एक ही है?

2027 में ज़्यादातर शहरों में नहीं बदलती, पर लंदन, न्यूयॉर्क, टोरंटो, सैन फ़्रांसिस्को में तारीख़ अलग है, क्योंकि वहाँ का सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय तिथि के बदलने के समय के दूसरी ओर पड़ता है।

मकर संक्रांति कभी-कभी 15 जनवरी को क्यों होती है?

क्योंकि यह उस क्षण से तय होती है जब सूर्य निरयण मकर राशि में प्रवेश करता है, और यह क्षण चार साल के चक्र में हर साल कुछ घंटे देर से आता है (लीप वर्ष इसे फिर पीछे ले आता है)। जब यह भारत में सूर्यास्त के बाद पड़ता है, तो त्योहार अगले दिन मनाया जाता है। दशकों के साथ यह क्षण धीरे-धीरे जनवरी में आगे भी खिसक रहा है।